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अपनों की पहचान संकट की घड़ी में ही होती है- स्वामी कमलानंद गिरि जी







Your loved ones are identified only in times of crisis- Swami Kamalanand Giri

फाजिलका-(दलीप दत्त)-फाजिल्का में सिद्ध पीठ दु:ख निवारण श्री बालाजी धाम में वार्षिकोत्सव के उपलक्ष में चल रही श्रीराम कथा के 11 दिन का पूजन मुख्य यजमान आढ़तिया एसोसिएशन के प्रधान आेम प्रकाश सेतिया, सिद्ध श्री हनुमान मंदिर के प्रधान दविंदर सचदेवा, लायंस कल्ब विशाल के जोन चेयरमैन सतीश सचदेवा के पारिवारिक सदस्यों द्वारा हरिद्वार से आए महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि जी को माल्यार्पण एंव तिलक लगाकर आज की कथा आरंभ करवाई। इस अवसर पर संबोधन करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि जी ने बताया कि अपनों की पहचान संकट की घड़ी में ही होती है। धीरज, धर्म, मित्र और पत्नी, यह चारों की परीक्षा विपत्ति काल में ही होती है। संकट की घड़ी में जो जितना आ अधिक धैर्यवान होगा वह हमेशा उतना ही प्रसन्न मुद्रा में रहेगा। दूसरी बात, यदि व्यक्ति धर्मात्मा होगा तो उसको कोई भी प्रतिकूल परिस्थिति विचलित नहीं कर सकेंगीं। महाराज ने तीसरी बात बताई कि जिसका मित्र सूझवान होगा तो अपने मित्र को बड़ी से बड़ी परेशानी में भी भटकने नहीं देगा। चौथी बात बताते हुए महाराज ने कही की पत्नी वही कीर्ति मती और पति पराई ना होती है जो अपने पति के संकट के समय कंधे से कंधा मिलाकर भरपूर साथ निभाती है। महाराज ने आगे कहा कि धर्म के नाम पर सारी दुनिया ने जितनी परेशानी देखी उससे कहीं अधिक अकेले भारत ने परेशानियां देखी और झेली है। धर्म की रक्षा के लिए नन्हे-मुन्ने बच्चों को दीवारों में चुनवा देना, ऐसा उदाहरण सृष्टि में और कहीं भी नहीं मिले। भारत मां की रक्षा के लिए किसी ने अपनी बोटियां चुनाव। किसी ने अपना शीश कटवाया। राष्ट्रभक्त का मानना है कि हम भले ही मिट जाएं परंतु हमारा शाश्वत सनातन धर्म और राष्ट्रभक्ति कलंकित नहीं होनी चाहिए। आगे महाराज ने बताया कि जिस पुत्र के व्यवहार से माता-पिता को सुकून मिलता है संतुष्टि मिलती है उस पुत्र के हाथों में चारों पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सदा हाजिर रहते हैं, और वह पुत्र बड़भागी है। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के महामंत्री नरेश जुनेजा ने बताया कि आज की आरती व प्रसाद की सेवा मुख्य यजमान परिवारों द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि दिव्य कथा का समापन आज 13 फरवरी को होगा तथा 14 से 16 फरवरी विशाल संत सम्मेलन करवाया जा रहा है जिसका समय सायं 6.30 बजे से लेकर रात 9.00 बजे तक रखा गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं को इस पावन कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है। इस आयोजन को संचालन करने में नंद लाल सिंगला, महावीर प्रसाद मोदी,अश्वनी बांसल, नरेश अरोड़ा, ओमप्रकाश दावड़ा, रेशम लाल असीजा, एसडीएम जय लाल, किरण चौपड़ा, लवली मेहरा, अन्नू, विजय आर्य एंवम कमेटी के प्रैस सचिव सुधीर सिडाना द्वारा विशेष सहयोग दिया जा रहा है।

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