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संत जी द्वारा फाजिल्का में लगाए विशेष शिविर में 817 मरीजों की जांच







So far, 817 patients have been screened in the camp set up by Sant Ji.

 

संत जगदीश मुनि की न्यूरो व रेकी पद्धति की कायल हुई जनता

 फाजिलका-(दलीप दत्त)-निरोग जीवन संस्थान के संचालक व संस्थापक संत जगदीश मुनि द्वारा फाजिल्का क्षेत्र के लोगों को समर्पित गांव बनवाला हनवंता में लगाए न्यूरो व रेकी पद्धति से उपचार करवाने के लिये रोगियों की लगातार भीड़ उमड़ रही है। जानकारी अनुसार संत जी द्वारा लगाए गए शिविर में अब तक 817 रोगियों को जांचा जा चुका है और सीमा सुरक्षा बल के जवान भी अपना इलाज करवाने के लिये पहुंच रहे हैं। इस कैंप में संत जगदीश मुनि जी के साथ उनकी टीम के सदस्यों पवन कुमार, व सुखप्रीत कौर द्वारा सेवाएं दी जा रही हैं।

इस संबंधी जानकारी देते हुए पवन मुनि ने बताया संत जी का अद्भुत बिना दवाई वाले शिविर के प्रति लोगों में भारी उत्साह पाया जा रहा है और लगातार लोग अपना इलाज करवाने के लिये उमड़ रहे हैं। शिविर में विशेष रूप सुरक्षा बल के जवान अपना इलाज करवाने के लिये पहुंच रहे हैं। इस मौके पर सीसुब जवानों ने संत जगदीश मुनि जी की पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि संत जगदीश मुनि जी द्वारा अवष्कारित न्यूरो व रेकी पद्धति सचमुच में अदभुत है जोकि बिना कोई दवाई के सिर्फ मालिश के जरिए ही 24 घंटे में असर दिखाती है। उन्होंने कहा कि लोगों का शिविर का अधिकाधिक फायदा उठाना चाहिए।

इस मौके पर संत जगदीश मुनि जी ने कहा कि उनके द्वारा न्यूरो व रेकी पद्धति को दोबारा प्रफुल्लित करने के प्रयास रंग दिखा रहे हैं और लोगों का झुकाव अब न्यूरो व रेकी पद्धति की तरफ होना शुरू हो गया है। लेकिन सरकार अभी भी उदासीन रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि न्यूरो व रेकी पद्धति एक ऐसा अनमोल खजाना है जो बेहद चमत्कारिक व अदभुत है। राज्य व केन्द्र सरकार को इस पद्धति को प्रफुल्लित करने के लिये आगे आना चाहिए। 

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