नींद न आनी, बेचैनी और शक वहम करना मानसिक रोग के लक्षण हैं: सिविल सर्जन डा. ढांडा

फाजिलका-(दलीप दत्त)-पंजाब सरकार के दिशा निर्देशों और स्वास्थ्य विभाग फाजिल्का की तरफ से लोगों को जागरूक करन के लिए अलग अलग समय पर जागरूकता प्रोग्राम करवाए जाते हैं। इसी के अंतर्गत जिले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य प्रोग्राम के अंतर्गत भी प्रोग्राम करवाए जा रहे हैं। इस संबंधी फाजिल्का के सिविल सर्जन दफ्तर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य प्रोग्राम को ले कर सिविल सर्जन डा. दविन्दर ढांडा द्वारा पोस्टर जारी किया गया। इस मौके डीएफपीओ डा. कविता, एसएमओ डा. बबीता, डिप्टी मास मीडिया अफसर सुखविन्दर कौर विशेष तौर पर उपस्थित थे। अपने संबोधन में सिविल सर्जन डा. दविन्दर ढांडा ने कहा कि नशे का आदी होना भी एक मानसिक बिगाड़ है। आज के समय में मानसिक रोगों से पीडित व्यक्तियों की तादाद में भारी विस्तार दर्ज किया गया है। डा. ढांडा ने कहा कि विशव मानसिक स्वास्थ्य दिवस इस बार का विषय मैंटल हैल्थ इन एन इकुअल वर्ल्ड ’ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस संबंधी जिला हस्पताल और जिले में अलग अलग ब्लाकों में काम करते ओट सैंटररों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस के साथ उन्होंने बताया गया कि मानसिक रोगों से पीडित व्यक्ति अपनी इस बीमारी से जागरूक नहीं होते, इस लिए वह मानसिक तनाव और परेशानी कारण मनोरोगों को पहचान नहीं पाते। उनको नींद न आना, बेचैनी रहनी, शक -वहम करना यह सब मनोरोगों के शुरुआती लक्षण होते हैं। इस लिए सरकार द्वारा पंजाब के सभी जिलों में मनोरोगों के माहिर डाक्टर मानसिक रोगों से पीडित व्यक्तियों की सेवाओं के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने जिला निवासियों को कहा कि अलग अलग समय पर सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर जा कर अपनी स्वास्थ्य संबंधी जांच करवाएं। जिले भर में सेवाएं दे रहे मनोरोग डाक्टरों की सेवाओं का लाभ लें। इस मौके अन्य के अलावा बीईई हरमीत सिंह, स्टेनो रोहित कुमार और अन्य जिले भर से आए मैडीकल अफसर उपस्थित थे। 

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