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अमेरिका में फिर टूटा कोरोना मामलों का रिकार्ड दूसरी बार आए एक दिन में दस लाख से अधिक मामले

वाशिंगटन-अमेरिका में एक बार फिर से कोरोना मामलों ने अपने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। देश में महामारी के बाद से दूसरी बार एक दिन में दस लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं जो बेहद चिंता का विषय बन गए हैं। रायटर्स के मुताबिक सोमवार को अमेरिका में 10.13 लाख नए मामले सामने आए हैं। आपको बता दें कि  इससे पहले पिछले सप्‍ताह अमेरिका में पहली बार दस लाख मामले सामने आए थे, जिसके बाद राष्‍ट्रपति जो बाइडन और उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस ने व्‍हाइट हाउस की कोरोना महामारी पर नजर रखने वाली टीम से आपात बैठक की थी।  गौरतलब है कि अमेरिकाम में इससे पहले 3 जनवरी को 10.03 लाख मामले सामने आए थे। इसके बाद और इससे पहले वहां पर करीब 7 लाख से अधिक मामले सामने आए थे। आपको यहां पर ये भी बता दें कि अमेरिका में जब से इस महामारी ने दस्‍तक दी है तभी से हाल बेहाल रहे हैं। अमेरिका विश्‍व में इस महामारी से सबसे अधिक पीडि़त रहा है। फिलहाल मामलों के कम होने की भी उम्‍मीद न के ही बराबर की जा रही है। 

रायटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के सभी राज्‍यों से कोरोना के मामले सामने नहींं आ सके हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि राज्‍यों ने इनका खुलासा नहीं किया है, लिहाजा ये मामले इससे भी कहीं अधिक हो सकते हैं। अमेरिका में जितने मामले सामने आ रहे हैं उनमें से अधिकतर मामले ओमिक्रोन वैरिएंट के ही बताए जा रहे हैं। इस वजह से चिंता और बढ़ गई है। ओमिक्रोन के संक्रमण की रफ्तार को लेकर पहले से ही विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और विभिन्‍न विशेषज्ञ आगाह भी कर चुके हैं। यहां पर ये भी ध्‍यान रखने वाली बात है कि अमेरिका में सबसे पहले महामारी से बचाव को वैक्‍सीनेशन की शुरुआत हुई थी। इसके बाद बूस्‍टर डोज और 18 वर्ष से कम की आयु के बच्‍चों को भी वैक्‍सीन देने की शुरुआत यहां पर हो चुकी है। इसके बाद भी इतने मामले आना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। रायटर्स के मुताबिक देश में 135,500 मरीज कोरोना संक्रमण की वजह से अस्‍पतालों में भर्ती हैं। पिछले वर्ष जनवरी में करीब 132,051 मरीज अस्‍पतालों में भर्ती थे। इसलिहाज से भी ये एक नया रिकार्ड है। ओमिक्रोन को हालांकि कम घातक बताया जा रहा है, लेकिन सच्‍चाई ये है कि इसकी संक्रमण की रफ्तार बेहद तेज है और इसकी वजह से मरीजों को अस्‍पताल में भर्ती भी होना पड़ रहा है और विभिन्‍न देशों में इसकी वजह से मौतें भी हो रही हैं। अमेरिका में बढ़ते मामलों की वजह से अस्‍पतालों पर जबरदस्‍त दबाव है। इसको देखते हुए शिकागो में स्‍कूलों की क्‍लासेस को बंद करना पड़ा है। यहां के प्रशासन को स्‍कूलों के आगे झुकना पड़ा है। स्‍कूलों का कहना था कि वो बढ़ते मामलों से निपटने के लिए किसी भी सूरत से तैयार नहीं हैं। न्‍यूयार्क में तीन सबसे की लाइन को केवल इसलिए बंद करना पड़ा है क्‍योंकि कर्मियों की हालत बेहद खराब है। ये लोग अपने काम पर लौटने में असमर्थ हैं। अमेरिका में कोरोना के मामलों के साथ ही कोरोना से होने वाली मौतें भी बढ़ गई है। 

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