Latest news
शिमला में गिले कूड़े से खाद बनाने के लिए बनेंगे चार प्लांट खुद बेरोजगार, लोगों को देगा रोजगार वाह रे तेरे वादे वाह रे तेरे वादे। समरबीर सिंह सिद्धू की जन आशीर्वाद रैली में उमड़े समर्थकों व वालंटियरों के सैलाब ने विरोधियों के उड़ा... 4 साल की मासूम को आवारा कुत्तों ने नोंचा ओबीसी आरक्षण पर बवाल, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर नजरबंद एमएलए बनने की चाह ,कहीं शुरू होने से पहले ही ना खत्म कर दे राजनीतिक सफर।प्रयोग करो और फेक दो, शायद इ... केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश को मिला शिष्टमंडल ओडिशा में 5400 फूलों से बना सांता क्लॉज पंजाब में चुनावों से पहले बेअदबी की घटना से सूबे में माहौल खराब करने की कोशिश लुधियाना सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्सें हड़ताल पर, सिविल सर्जन कार्यालय में दिया धरना


किन्नू दक्षिण भारत भेजने के लिए भी रेल सेवा उपलब्ध होने की उम्मीद बनी



फाजिलका-(दलीप दत्त)-पंजाब में रेल सेवा बहाल होने से यूपी -बिहार से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए रास्ता खुल गया है। फाजिल्का जिले में किन्न्ू बागों, वैक्सिंग प्लाटों, पैक हाउसों में काम करने के लिए हर साल लगभग 25 हजार प्रवासी मजदूर यूपी बिहार जैसे राज्यों से आते हैं। फाजिल्का जिले का अबोहर उपमंडल देश भर में किन्नू उत्पादन के लिए मशहूर है। जिले में 33 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में किन्न्ू के बाग हैं। यहां से किन्न्ू देश के सभी राज्यों में भेजे जाने के साथ-साथ बांग्लादेश और दुबई तक निर्यात हो रहा है। इस लिए जिले में 100 से अधिक बड़े वैक्सिंग पलांट हैं जब कि 200 के लगभग छोटे ग्रेडिंग और पैक हाउस हैं।

इन में बड़े स्तर पर प्रवासी मजदूर काम करते हैं। इसी तरह हजारों मजदूर अगले 4 महीने किन्न्ू बागों में फल तुड़ाई का काम करेंगे। यह सारा काम दिसंबर के पहले हफ्ते से पूरी रफ्तार के साथ शुरू होगा। ऐसे ही एक वैक्सिंग पलांट के संचालक कृष्ण कुमार ने कहा कि अब जरूरत अनुसार लेबर आ सकेगी। उन्होंने रेल बंदी खुलवाने में मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा डाले योगदान के लिए उन का धन्यवाद करते किसान संगठनों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने ट्रेन संचालन की आज्ञा दी है।

एक और बागबान और किन्न्ू के व्यापार के साथ जुड़े सुरिन्दर चराया ने कहा कि अब किन्न्ू की ट्रांस्पोर्टेशन के लिए माल गाड़ी की सेवा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने भी इस में सहयोग का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दक्षिण भारत तक किन्न्ू भेजने के लिए माल गाड़ी उपलब्ध हो जाए तो इस के साथ पंजाब केरल तक किन्नू सिर्फ 50 घंटो में पहुंच सकता है। जब कि ट्रक के द्वारा यह किन्न्ू केरल तक पहुंचने में 100 घंटे लेता है। इस तरह जिले में आने वाली खाद और जिले से बाहर जाने वाले गेहूं और चावल कारण अब माल गाड़ी की भराई और उतराई के लिए लेबर को काम मिल गया है जब कि ट्रास्पोटरों को भी काम मिला है। बग्गू सिंह जो कि फाजिल्का में लोडिंग का काम करता है और ट्रक आपरेटर गुरविन्दर सिंह ने कहा कि मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के प्रयासों से उन को फिर काम मिल गया है। जिक्रयोग्य है कि जिले में पिछले 4 दिनों में 2 माल गाड़ियां खाद की भर कर आईं हैं जब कि 5 माल गाड़ियां आनाज की भर कर दूसरे राज्यों को जा रही हैं।

157 Views
error: Content is protected !!