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धान की कटाई एस.एम.एस युक्त कम्बायन हारवैस्टरों के द्वारा ही करनी बनाई जाए यकीनी







फाजिलका-(दलीप दत्त)-डिप्टी कमिश्नर अरविन्द पाल सिंह संधू ने बताया कि धान की कटाई थोड़े दिनों में शुरू होने वाली है जो कि केवल सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम(एस.एम.एस) युक्त कम्बाइन हारवैस्टरों के द्वारा ही करवाए जाने का फैसला निश्चित हुआ है। उन्होंने अपील की है कि फैसले को ध्यान में रखते धान की कटाई एस.एम.एस युक्त कम्बाइन हारवैस्टरों के द्वारा ही करनी यकीनी बनाई जाए। उन्होंने बताया कि कम्बाइन हारवैस्टरों और सुपर एस.एम.एस लगाने के लिए सरकार द्वारा 50 प्रतिशत सब्सिडी भी दी जाती है। इस संबंधी अधिक जानकारी देते मुख्य कृषि अधिकारी सुरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा एयर (प्रीवेंशन और कंट्रोल आफ पाल्यूशन) एक्ट 1981 अधीन 7 फरवरी 2018 को हिदायतें जारी करते हुए पंजाब में बिना सुपर एस.एम.एस लगीं कम्बाईनें चलाने और प्रयोग करने पर पूर्ण तौर पर रोक लगा दी गई थी। इस फैसले को अमल में लाते कोई भी कम्बाइन मालिक इस यंत्र से बिना कम्बाइनों के साथ धान की कटाई नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि हिदायतों की उल्लंघन करने वाली कम्बाईन हारवैस्टरों को जब्त किया जा सकता है। मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि किसानों द्वारा धान की पराली को सोखने से समेटने के लिए जरूरी है कि धान की कटाई सपुर एस.एम.एस लगा कम्बाईनों से ही करवाई जाए जिससे किसानों को धान की पराली संभालने में या खड़ी पराली में गेहूं की सीधी बिजाई करने में कोई मुश्किल पेश न आए। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि धान की पराली को आग लगाने की बजाय इस की अलग-अलग ढंगों के साथ प्रयोग करने को ध्यान देने क्योंकि मुल्क पहले ही कोरोना वायरस की बीमारी से जूझ रहा है। धान की पराली को आग लगाने से वातावरण में फैलता धुआं ओर बीमारियों और दुर्घटनाओं को न्योता देता है, इसलिए प्रदूषण और बीमारियां मुक्त वातावरण सृजना करने के लिए पराली को आग लगाने से परहेज किया जाए।

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