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पढ़िए पूरी खबर:- आखिर कैसे पकड़ा गया आतंकवादियों के साथ राष्ट्रपति से सम्मानित हुआ DSP देविंदर सिंह-पकड़ा गया आतंकी नावीद जम्मू-कश्मीर पुलिस में रह चुका हैं कॉन्सटेबल







One DSP of state police and two terrorists arrested during vehicle checking

-देविंदर सिंह को पिछले साल ही 15 अगस्त राष्ट्रपति पुलिस मेडल से नवाजा गया था
-डीएसपी की तैनाती अभी श्रीनगर इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर थी, घर से भी हथियार बरामद।
-अफलजल गुरु ने तिहाड़ से वकील को भेजे लेटर में लिया था देविंदर सिंह का नाम।
-पकड़ा गया आतंकी नावीद भी जम्मू-कश्मीर पुलिस का हिस्सा रह चुका है।

 

श्रीनगर-(हाशिमा भट्ट)-दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में वाहन चेकिंग के दौरान राज्य पुलिस के एक डीएसपी और दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, हवाईअड्डे पर तैनात डीएसपी देविंदर सिंह को नवीद बाबू और अलताफ नाम के आतंकवादियों के साथ शनिवार को हिरासत में लिया गया। पुलिस की टीमें अब इन सभी से कड़ी पूछताछ कर रही हैं।

विजय कुमार, आईजी, जेएंडके पुलिस पीसीआर श्रीनगर में मीडिया को संबोधित करते हुए।

अधिकारी इस बात का भी पता लगाने में जुटे हैं कि अधिकारी इन आतंकियों को लेकर कहां जा रहे थे।पुलिस के मुताबिक, आतंकियों के साथ पकड़े गए अधिकारी पर आरोप है कि वह आतंकवादियों को शोपियां इलाके से संभवत: कश्मीर घाटी के बाहर ले जा रहे थे। दक्षिण कश्मीर के पुलिस उप महानिरीक्षक अतुल गोयल अभियान की निगरानी कर रहे थे और उन्होंने दक्षिण कश्मीर में कुलगाम के मीर बाजार में एक पुलिस बैरिकेड पर कार को पकड़ा।

 

  डीएसपी देविंदर सिंह                                                        पकड़ा गया आतंकी नावीद  

कार से मिली दो एके-47 राइफल

कुलगाम में नाके पर पकड़े गए
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार दोपहर कुलगाम जिले के काजीगुंड में मीर बाजार के पास एक नाका लगाया था। दक्षिणी कश्मीर के डीआईजी अतुल गोयल के नेतृत्व में टीम ने एक कार को घेरा जिसमें दो आतंकियों के संग डीएसपी भी सवार थे। पकड़े गए आतंकियों में सैयद नवीद मुश्ताक उर्फ नवीद बाबू भी है, जो हिज्बुल का टॉप कमांडर है, जबकि दूसरा आतंकी आसिफ राथर तीन साल पहले आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। दोनों शोपियां के रहने वाले हैं। जिस सफेद मारुति कार में तीनों पकड़े गए उसमें से दो AK-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुए हैं।

कैसे डीएसपी बना देविंदर सिंह

लेकिन इसमें सबसे चौकाने वाली बात यह है की गिरफ्तार हुए आतंकियों में से एक ऐसा शख्स भी शामिल है जिसे राष्ट्रपति के हाथों पुरूस्कार मिल चुका है तथा वर्तमान में में डीएसपी जैसी पोस्ट पर कार्यरत है.
इस गिरफ्तार शख्स का नाम देविंदर सिंह है आतंकियों के खिलाफ प्रभावी ऑपेरशन की वजह से उन्हें इंस्पेक्टर के पद से प्रमोट करके डीएसपी बनाया गया था। दिल्ली के लिए निकले कार से हथियार भी बरामद किए गए हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,देविंदर सिंह को पिछले साल ही 15 अगस्त राष्ट्रपति पुलिस मेडल से नवाजा गया था ।

वह जम्मू-कश्मीर पुलिस के ऐंटी हाइजैकिंग स्क्वॉयड में शामिल थे। अभी उनकी तैनाती श्रीनगर इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर थी। इससे पहले 2001 में संसद पर हमले के बाद उनका नाम चर्चा में आया था। तब वह इंस्पेक्टर के रूप में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का हिस्सा थे। ऐंटी टेरर ऑपरेशन के बाद उन्हें प्रमोट करके डीएसपी बनाया गया था। बाद में वसूली का आरोप लगा और देविंदर सिंह को एसओजी से अलग कर दिया गया। कुछ समय के लिए वह सस्पेंड भी रहे और फिर श्रीनगर पीसीआर में तैनाती मिली। बाद में उन्हें ऐंटी हाइजैकिंग स्क्वॉयड में शामिल किया गया और पिछले साल श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात किए गए।

अफजल गुरु ने लिया था नाम

 


देविंदर सिंह का नाम 2001 के संसद अटैक मामले में भी चर्चा में आया था। मुख्य आरोपी अफजल गुरु ने अपने वकील को तिहाड़ जेल से लिखे लेटर में कहा था कि बडगाम के हमहमा में तैनात डीएसपी देविंदर सिंह ने एक हमलावर मोहम्मद को दिल्ली ले जाने, एक फ्लैट किराये पर दिलाने और उसके लिए कार खरीदने के लिए दबाव डाला था। अफजल गुरु को 9 फरवरी 2013 में हुई फांसी के बाद अफजल के परिजनों ने इसे सार्वजनिक किया था।

नावीद भी था जम्मू-कश्मीर पुलिस का कॉन्सटेबल

दिलचस्प है कि पकड़ा गया आतंकी नावीद, जो अभी हिज्बुल का साउथ कश्मीर ऑपरेशनल कमांडर है, भी जम्मू-कश्मीर पुलिस में कॉन्सटेबल रह चुका है। वह 2017 में बडगाम स्थित फूड ऐंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट स्टोर पर गार्ड ड्यूटी पर था। वह यहीं से AK-47 रायफल लेकर फरार हो गया था और हिज्बुल में शामिल हो गया। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, नावीद का हिज्बुल में कद काफी ऊंचा था। दक्षिण कश्मीर में वह वह डिविजनल कमांडर रियाज नायकू के बाद दूसरे नंबर पर आता था। वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है।

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