शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पोष्टिक आहार है सबसे महत्वपूर्ण- डॉ देवेन्द्र ढांडा

फाजिलका-(दलीप दत्त)- सिविल सर्जन फाज़िलका डॉ देवेन्द्र ढांडा ने आज राष्ट्रीय पोषण माह ( सितंबर 2021) के सन्दर्भ में एक बैनर जारी करते हुए कहा कि पोष्टिक आहार हमारी शारीरिक और मानसिक वृद्धि के लिए बहुत जरूरी है। कोविड काल में भी हमने देखा है और विशेषज्ञों ने भी कहा है कि जिसने भी स्वस्थ्य, पोष्टिक खाना इस दौरान लिया वो बहुत जल्दी सेहतमंद हुए और उनमे संक्रमण की दर भी काफी कम रही। अगर हमारे खाने में कार्बोहाइड्रेट, खनिज, वसा, प्रोटीन, विटामिन और फाइबर प्राप्त मात्रा में है तो हमारा खाना पोष्टिक खाना है। पर आज कल फास्ट फूड ने हमारे खाने का सारा तरीका ही बदल दिया है। आज हम ज्यादा तर सिर्फ स्वाद को सामने रख कर खाना खाते हैं। पौष्टिकता का कहीं नामों निशान नहीं होता। इसी लिए आज प्लेट तो भरी दिखाई देती है पर उसमें पौष्टिकता कहीं नहीं होती। सब से बेहतर खाने पीने के लिए कुदरत ने हमे हमारे आस-पास ही  दे दिया है। भाव लोकल जो खाना उपलब्ध है वही हमारे लिए स्वास्थ्यवर्धक है। जिला मास मीडिया अधिकारी अनिल धामूॅ ने बताया के इस माह में  जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में  गर्भवती महिलाओं, बच्चों को दूध पिलाने वाली माओं, किशोरों और बच्चों को पौष्टिकता के बारे में जागरुक किया जाएगा।  और मां के हाथ का बना खाना सबसे पौष्टिक और सर्वोत्तम खाना होता है।  इस संदेश को घर घर  तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ कविता जिला परिवार भलाई अफ़सर, डॉ सुनीता जिला एपीडेमीआलोजीस्ट, डॉ आमना होम्योपैथिक अफसर व सुखदेव बी सी सी उपस्थित थे।

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