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धवल हरिश्चंद्र वांटेड किडनेपर के पंजाब में छिपे होने का संदेह, सीबीआई ने भेजा अलर्ट







  • बुढलाडा के डीएवी सीनियर सेकंडरी स्कूल, मनुवाटिका बोर्डिंग स्कूल व सुल्तानपुर लोधी के एसडी मॉडल स्कूल में शिक्षक रह चुका आरोपी

जालंधर/राजकोट-( पंजाब वार्ता ब्यूरो)- छात्राओं के अपहरण के कई मामलों में वांछित अपराधी धवल हरिश्चंद्र त्रिवेदी के पंजाब में छिपा होने की आशंका है। यह शख्स 2014 में दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दूराचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, वहीं गुजरात में हाईकोर्ट के आदेश पर इसके खिलाफ सीबीआई जांच में जुटी है। सीबीआई ने प्रदेश के तमाम सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को पत्र जारी कर इस आरोपी को लेकर अलर्ट जारी किया है। इससे दो दिन पहले बिहार में भी इस आरोपी को लेकर अलर्ट हो जारी हो चुका है।

त्रिवेदी के खिलाफ सीबीआई जांच इस साल मई में तब शुरू हुई, जब एक व्यक्ति ने गुजरात हाईकोर्ट में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दी। उसने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी को त्रिवेदी ने 11 अगस्त 2018 को अगवा कर लिया था। सीबीआई जांच में पाया गया कि धवल त्रिवेदी पहले भी नाबालिग लड़कियों के अपहरण के सात मामलों में शामिल रहा है और इनमें से एक मामले में उसे सजा भी हो चुकी है।

फिलहाल इस खतरनाक अपराधी के पंजाब में छिपे होने की आशंका है। हो सकता है कि यह किसी न किसी स्कूल में अभी भी कार्यरत हो। इसी को लेकर सीबीआई ने पंजाब के शिक्षा विभाग को एक पत्र जारी किया है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग की तरफ से भी धवल त्रिवेदी की फोटो राज्य के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में भेजे जाने के आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने धवल त्रिवेदी के साथ अपहृत युवती की फोटो भी सभी निजी और सरकारी स्कूलों में भेजे जाने की हिदायत दी है।

  • टीडीके चंद्र, टीकेडी चंद्र, डी कुमार और धरमिंदर कुमार आदि फर्जी नामों का इस्तेमाल कर चुका, कालका में फर्जी वोटर पहचान पत्र और राशन कार्ड भी बनवाया

स्कूलों में फर्जी नामों से पढ़ता है

सीबीआई ने अपने पत्र में खुलासा किया है कि आरोपी फर्जी नाम व पते के साथ विभिन्न राज्यों के स्कूलों में अंग्रेजी के अध्यापक, प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल या प्रबंधक के तौर पर कार्य कर चुका है और स्कूलों की नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाता है। इससे पहले वह टीडीके चंद्र, टीकेडी चंद्र, डी कुमार और धरमिंदर कुमार आदि फर्जी नामों का इस्तेमाल कर चुका है। उसने हरियाणा के कालका, पंचकूला में एक फर्जी वोटर पहचान पत्र और राशन कार्ड भी बनवाया था।

कहां-कहां कर चुका आरोपी त्रिवेदी काम

  • वह 2010 में अरुणाचल प्रदेश के जिरो इलाके में एक निजी स्कूल में शिक्षक रहा था और उसने वहां से दो नाबालिग छात्राओं का अपहरण कर लिया था।
  • इसके बाद हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों शिक्षक रह चुका है। वह हिमाचल के ज्वाली स्थित स्प्रिंग डेल स्कूल में भी पढ़ाता रहा है।
  • मानसा के बुढलाडा स्थित डीएवी सीनियर सेकंडरी स्कूल, मनुवाटिका बोर्डिंग स्कूल व सुल्तानपुर लोधी के एसडी मॉडल स्कूल में भी शिक्षक रह चुका है।

एक आशंका यह भी

उधर जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी धवल त्रिवेदी के पास अपहृत लड़की के पिता का आधार कार्ड भी है, जिसके चलते आशंका से इनकार नहीं किा जा सकता कि वह इस आधार कार्ड का उपयोग अपनी पहचान के रूप में कर रहा होगा।

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