जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रूबी गिल ने पूर्व डीजीपी के नाम पर ठगी के मामले में की पत्रकार वार्ता

-आरोपी ने मेरे सामने पूर्व डीजीपी के साथ वीडियो कालिंग कर जमाया विश्वास: राजकुमार

-पूर्व डीजीपी सैनी का खास बताया और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 25 लाख

फाजिलका -(दलीप दत्त)-सरकारी नौकरी का लालच भला किसे नहीं होता औरजब बात सरकारी अफसर बनने की हो तो हर को लालच में आ ही जाता है। कुछ ऐसा ही मामला जिले के गांव टाहलीवाला बोदला में सामने आया है जहां का एमेडिकल स्टोर संचालक राजकुमार ड्रग कंट्रोल अधिकारीबनने की चाह में ऐसे ठग की ठगी शेष पेज 7 पर का शिकार हो गया है, जो न केवल खुद को पूर्व डीजीपी पंजाब सुमेध सैनी का खास बताता था बल्कि राजकुमार के सामने उसने पूर्व डीजीपी के साथ वीडियो कालिंग कर अपना विश्वास भी बना लिया। लेकिन आखिरकार हुआ वही,जो ऐसे केसों में होता है, राजकुमार अपने 25 लाख रुपये भी गवां चुका है और नौकरी भी नहीं मिली। आखिरकार उसने इसकी शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने उक्त ठग और ठगी के शिकार व्यक्ति की उससे मुलाकात करवाने वाले दो लोगों के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लिया है।

मंगलवार को पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी के नाम पर हुई ठगी के मामले में जिला यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रूबी गिल ने स्थानीय एक होटल में पत्रकार वार्ता कर नौकरी के नाम पर ठगी का गिरोह चलाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ बनती कार्रवाई की मांग की है। पत्रकार वार्ता में ठगी के शिकार हुए राजकुमार और जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रूबी गिल ने सारी ठगी का खुलासा पत्रकारों के समक्ष किया। राजकुमार ने बताया कि वह टाहलीवाला बोदला में आनंद मेडिकल स्टोर का संचालन करता है। उसने 2018 में आई ड्रग्स कंट्रोल आफिसर की पोस्ट के लिए 31 जुलाई को आवेदन किया था और उसकी फीस 1125 रुपये उसने एसबीआई में अदा की थी। वह उक्त परीक्षा की तेयारी कर ही रहा था कि गांव चक्क बनवाला निवासी संजीव कुमार और लखवीर सिंह की उससे जान पहचान हुई।

उन्हें पता चला कि वह उक्त नौकरी के लिए परीक्षा की तैयारी कर रहा है तो उन्होंने उसे बताया कि उनके भरोसे में विक्रम शर्मा नामक एक व्यक्ति है जो चंडीगढ़ में रहता है। वह उसे उक् नौकरी दिलवा सकता है। उन दोनों ने विक्रम शर्मा को अपने घर बुलाकर उसक साथ उसकी मुलाकात करवाई। उक्त विक्रम शर्मा जोकि एक होंडा कार पर आया था और उसने अपनी कार पर बाकायदा पंजाब सरकार भी लिखवा रखा था, ने उसे अपनी बातों में उलझाकर नौकरी दिलाने के सब्जबाग दिखाए और इसके लिए 35 लाख रुपये की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस मैं जानकारी देते जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रूबी गिल व ठगी के शिकार हुए राजकुमार

आरोपी ने विश्वास जमाने के लिए बाकायदा उसके सामने पूर्व डीजीपी के साथ वीडियो कालिंग भी की। इससे उसे विश्वास हो गया कि इतनी नजदीकी है तो उसका काम तो करवा ही देगा। बात 30 लाख में तय हुई। उसने उक्त संजीव और लखवीर सिंह व अन्य गवाहों की मौजूदगी में विक्रम को 25 लाख रुपया अदा कर दिया लेकिन जब ड्रग्स कंट्रोल अधिकारियों की सूची जारी हुई तो उसमें उसका नाम नहीं था। उसके बाद उसने उक्त विक्रम शर्मा से बात की तो उसने स्पष्ट कह दिया कि उन्होंने तो ठगी मारनी थी, सो मार ली, अब उससे जो होता है कर ले। राजकुमार ने बताया कि उसने इसकी शिकायत पुलिस से की और पुलिस ने पूरी जांच के बाद उक्त संजीव कुमार,लखवीर सिंह और विक्रम शर्मा उर्फ रूपेश कुमार के खिलाफ 25 जुलाई को भादंसं की धारा 420 के तहत पर्चा दर्ज कर लिया है। पत्रकार वार्ता में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रूबी गिल ने इस मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच कर इसमें संलिप्त हर व्यक्ति पर कार्रवाई की मांग की।

 

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