राशन कार्ड में अपने चार रिश्तेदारों के नाम दर्ज करवाकर सरकार को चूना लगाने वाले डिपो होल्डर पर मामला दर्ज,भाजपा का पूर्व पार्षद व भाजपा का मंडल महामंत्री है आरोपी संदीप चलाना

-भाजपा का पूर्व पार्षद व भाजपा का मंडल महामंत्री है आरोपी संदीप चलाना

फाजिल्का- (दलीप दत्त )-फाजिल्का थाना सिटी पुलिस ने राशन कार्ड में अपने चार रिश्तेदारों के नाम दर्ज करके घपलेबाजी करने वाले एक भाजपा के पूर्व पार्षद व भाजपा के मंडल महामंत्री संदीप चलाना पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि उनको महिला आशा रानी वासी राधा स्वामी कालोनी फाजिल्का ने बीती 3 सितंबर 2020 को शिकायत दर्ज  करवाई थी कि मेरे परिवार में मेरा पति बाबू लाल और मेरे 2 बच्चे मुस्कान रानी और संजय कुमार हैं मेरे पति की मौत हो चुकी है। मेरे पति ने अपने जीते जी एक राशन कार्ड नंबर 030003897165 पूर्व भाजपा पार्षद संदीप कुमार के डिपो पर बना जिस में हमारे चारों के नाम दर्ज थे। उक्त आरोपी कभी उसे राशन देता था और कभी आनाकानी कर जाता था। एक दिन मैं प्रधान मंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत गैस सिलंडर लेने के लिए अपना राशन कार्ड और बच्चों का आधार कार्ड ले कर गैस एजेंसी पर गई तो वहां मुझे पता लगा कि मेरा राशन कार्ड चार सदस्यों वाला सही नहीं है जबकि मेरे राशन कार्ड पर उसके परिवार के 4 सदस्यों के अलावा सुमित कुमार, रजनीबाला, राबिया व रवि कुमार आदि आठ मैंबरों के नाम दर्ज हैं। इस पर गैस एजेंसी वाले ने कहा कि आप वही राशन कार्ड की फोटो कापी जिस में आठ मैंबर दर्ज हैं ला कर दें तभी आपको गैस सिलेंडर दिया जाएगा। जिसके बाद मैंने कई बार उक्त आरोपी सन्दीप कुमार से पूछताछ की परंतु उसने मुझे कोई उचित जवाब नहीं दिया फिर मैंने अपने तौर पर ही सब कुछ पता किया तो मुझे पता चला कि उक्त आरोपी ने ही मेरे नाम वाले कार्ड पर अपने चार रिश्तेदारों सुमित कुमार, रजनीबाला, राबिया व रवि कुमार का नाम दर्ज करवाया हुआ है। जहां‌ ‌राशन‌‌ कार्ड‌‌ में‌ ‌माता ‌‌पिता ‌‌बेटी ‌‌सभी‌‌ की ‌‌उम्र‌‌ एक ‌‌समान‌ है‌। उक्त कार्ड में ‌‌‌साल ‌‌की ‌‌महिला ‌‌को ‌मां ‌बना‌‌ दिया‌ अथार्त मां की उम्र 43 साल है इसके अलावा कार्ड में उसके सभी बच्चों अर्थात बेटी मुस्कान रानी, राबिया, रजनी के अलावा बेटों रवि कुमार, संजय व सुमित कुमार सभी की उम्र 30 साल दर्ज है। उसने बताया कि मेरे नाम वाले कार्ड पर अपने रिश्तेदारों को सरकार द्वारा मिल रहे अनाज और अन्य सुविधाएं जो डीपू से मिलती हैं कई सालों से मेरे साथ ठगी मारने की नियत से दिया जा रहा है।

मैंने इस बाबत रिकार्ड आनलाइन निकलवाया और उसके बाद आरोपी संदीप कुमार डीपू होल्डर को इस बाबत बात की तो वह कहने लगा कि डीपू चलाना ‘खाला जी दा वाड़ा’ नहीं हमें सारा हिसाब किताब रखना पड़ता है। मैं तुम्हारा कार्ड जल्दी ही ठीक करवा दूंगा परन्तु मैंने उसको कहा कि तू इतने सालों से मेरे साथ ठगी मरता आ रहा है और मेरे नाम पर सरकार से राशन ले कर अपने रिश्तेदारों को देता आ रहा हूं यह काम तूने अच्छा नहीं किया तो वह मेरे गले पड़ गया और कहने लगा कि आज के बाद तुझे मैंने कोई राशन नहीं देना है तूं अपना कार्ड किसी और डीपू पर लगा ले। इस बात की शिकायत मैंने 12 मई 2020 को डी.एफ.एस.ओ. फाजिल्का को लिखित रूप में की और बाद में मिलकर भी मैंने अफसरों को अवगत करवाया परंतु उनके द्वारा इस संबंधी टालमटोल की गई और बाद में पता चला कि उनके द्वारा इसकी बिना किसी जांच के मैडीकल छुट्टी मंजूर की गई परंतु डिपो होलडर बिलकुल तंदरुस्त है और इस बात का भी पता किया जाए कि उसको किस बीमारी कारण गैरकानूनी तरीके से छुट्टी दी जाए। संदीप कुमार डीपू होल्डर मोहल्ले का एम.सी होने के कारण और उसकी राजनीतिक पहुंच कारण किसी भी अफसर ने उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की ओर फूड सप्लाई दफ्तर फाजिल्का वाले उसे बचाने की कोशिश की गई जब जब मीडिया में सरकारी अनाज के घोटाले का जब पर्दाफाश हुआ तो विभाग ने डीपू होल्डर के राशन की सप्लाई बंद कर दी। इसके अलावा मोहल्ले के अन्य 20-25 राशन कार्ड धारकों ने अपने कार्ड चैक करवाए तो पाया गया कि उनके कार्डो में भी गलत तरीके से अन्य सदस्यों के नाम डाले गए हैं तथा इसी तरह की ठगी का शिकार हो रहे थे परंतु विभाग फूड सप्लाई राजनीतिक दबाव के नीचे आरोपी खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहा था जबकि आरोपी ने मेरे साथ सीधे तौर पर ठगी की है और सरकारी अनाज और अन्य सामान जोकि डीपू से गरीब लोगों को मिलता है वह मेरे नाम पर दिखा कर अपने रिश्तेदारों को कई सालों से देता चला आ रहा है इसलिए उक्त आरोपी खिलाफ सरकारी अनाज और अन्य सहुलतें जो डीपू पर मिलती हैं, का गलत लाभ उठाने और मेरी साथ की ठगी की इंनक्वायरी करके पर्चा दर्ज किया जाए और साथ ही इसका डीपू कैंसिल किया जाए।

बाद में जांच उपरांत पता चला कि डिपो होलडर संदीप कुमार ने राशन कार्ड का डाटा आनलाइन करते समय अपने रिश्तेदारों सुमित कुमार, रजनी बाला, राबिया और रवि कुमार के नाम बाबू लाल के राशन कार्ड में नाम दर्ज कर दिए थे क्योंकि डीपू होल्डर सन्दीप कुमार मौजूदा एम.सी, भी था जो अपने मोहल्ले के हरेक व्यक्तियों व महिलाओं को जानता है। जब बाबू लाल(आशा रानी का पति) के परिवार का मैंबर डीपू होल्डर तरफ राशन लेने आता था तो उन को बनता राशन ही दिया जाता था। बाकी चार सदस्यों का राशन डीपू होल्डर अपने पास रख लेता था या फिर अपने रिश्तेदार सुमित कुमार को देता था। जब सुमित कुमार के साथ उस के मोबाइल नंबर 99159 -12527 पर दलीप दंत पत्रकार ने बात की जो सुमित कुमार ने आगे पत्रकार को कहा कि किसी गरीब की मदद करना कोई गलत बात है, जिस की रिकार्डिंग भी मौजूद है। इस प्रकार डिपो होल्डर ने अपने रिश्तेदार के जरिए सरकार को चूना लगाया है। जांच के बाद पुलिस ने डिपो होल्डर संदीप कुमार पुत्र हंसराज वासी राधास्वामी कॉलोनी पर मुकदमा नंबर 104 अ/ध 420 भ.द के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

FIR की कॉपी और अन्य एविडेंस देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

https://drive.google.com/drive/folders/1I_tW8qnp2fhGi8epU08DunVWeC4S5ccG?usp=sharing

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