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भाजपा नागरिकता संशोधन बिल के द्वारा देश में सांप्रदायिक महौल बिगाड रही है -सुनील जाखड







Demand letter sent by the Governor to the President from Congress

 -भारत लोकतंत्र है, धर्म तंत्र नहीं बनने दिया जाएगा 
-नागरिक संशोधन बिल 2019 को स्वीकृत न करने की रखी मांग

फाजिलका-(दलीप दत्त)-कांग्रेस पार्टी ने आज प्रदेश कांग्रेस प्रधान श्री सुनील जाखड के नेतृत्व में पंजाब के राज्यपाल श्री वी पी सिंह बदनोर के मारफत देश के राष्ट्रपति के नाम माँग पत्र भेज कर उन से अपील की कि वे नागरिकता संशोधन बिल 2019 को स्वीकृत न दें। इस डैलीगेशन में उन के साथ पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा, श्री साधु सिंह धर्मसोत, श्री बलबीर सिंह सिद्धू, श्रीमती अरुना चौधरी, विधायक श्री राज कुमार वेरका, श्री संतोख भलाईपुर, श्री रमिन्दर आवलां, श्री फतेहजंग सिंह बाजवा, श्री धर्मवीर अग्निहोत्री, श्री अरुण डोगरा, श्री प्रगट सिंह, श्री कुलबीर सिंह ज़ीरा, श्री गुरप्रीत सिंह जीपी, श्री सुनील दत्ती , फाजिल्का जिलाध्यक्ष रंजम कामरा समेत 14 विधायक भी उन के साथ उपस्थित थे। 

 इस मौके पर पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए श्री सुनील जाखड ने कहा कि केंद्र सरकार आर्थिक मुहाज पर पूरी तरह फेल हो चुकी है और देश बुरी तरह मंदी की चपेट में है। उन्होंने कहा कि अपनी इसी असफलता को छिपाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार नागरिकता संशोधन बिल 2019 के द्वारा देश का सांप्रदायिक महौल विगाडना चाहती है जिससे लोगों का असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। 
 श्री जाखड ने कहा कि देश के हजारों शहीदों ने अपनी, कुर्बानियों के द्वारा इस देश को लोकतंत्र बनाया है और हमें हमारे मुल्क के दुनिया का सब से बडा लोकतंत्र होने पर गर्व है। परन्तु मोदी सरकार अपने संकुचित राजनैतिक हितों के लिए इस देश को धर्म तंत्र बनाने की भद्दी चालें चल रही है। उन्होंने याद करवाया कि धर्म के नाम पर बने राष्ट्र आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर हर क्षेत्र में पिछड चुके हैं परन्तु फिर भी पता नहीं क्यों एनडीए की सरकार देश को धर्म आधारित राष्ट्र बनाना चाहती है। 
 प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने कहा कि समाज को धर्म के नाम पर बाँटने का जो काम अंग्रेज़ाों से अधूरा रह गया था, भाजपा सरकार उसे पूरा करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन बिल के द्वारा देश में ज़ाहर के बीज बो रही है। उन्होंने कहा कि धर्म आधारित नागरिकता देश के संविधान की धर्म निरपेक्षता की मूल भावना के ही उलट है। उन्होंने कहा कि यदि देश के अल्पसंख्यक शक्क और डर के महौल में रहेंगे तो देश कैसे तरक्की करेगा। उन्होंने कहा कि देश केवल बहुमत के साथ नहीं चलता बल्कि सामाजिक सदभावना भी उतनी ही ज़ारूरी है। 
 श्री जाखड ने कहा कि इस बिल को जल्दी के साथ लाने के पीछे भाजपा सरकार का असली मकसद देश की जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाना है क्योंकि यह सरकार देश के आम लोगों के साथ जुडे मसलों का हल करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश के राष्ट्रपति से माँग की है कि वे देश के संविधान के मौलिक धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को बचाए रखने के लिए इस बिल को स्वकृति न देें। उन्होंने दुहराया कि कांग्रेस देश के धर्म निष्पक्ष लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए हर संघर्स करेगी और मोदी सरकार की समाज में बंटवारा करने की चालों को कभी कामयाब नहीं होने देगी। 
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