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स्वास्थ्य कर्मचारी संघर्ष कमेटी द्वारा संघर्ष का ऐलान







फाजिलका-(दलीपदत्त)-मलटीपर्पज हैल्थ एंपलाईज़ यूनियन पंजाब और कांट्रैक्ट मलटीपर्पज वर्कर(फीमेल)यूनियनपंजाब द्वारा बनाई स्वास्थ्य कर्मचारी संघर्ष कमेटी द्वारा लुधियाना व बठिंडा मीटिंग के फैसले अनुसार पंजाब के समूचे जिलों में दो दिन दिवसीय 6 और 7 जुलाई 2020 को सिविल सर्जनों के द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को मांग पत्र भेजे गए। जत्थेबंदी ने यह फैसला किया है कि पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों का स्वास्थ्य कर्मचारी डट कर विरोध करेंगे और सरकार को स्वास्थ्य कर्मचारियों पर ऐसी नीतियों को लागू नहीं होने देंगे। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिए मांग पत्र में कम से कम और संयुक्त मांगों को ले कर मांग पत्र दिए। मांग पत्र में एन. एच. एम. 2211 और ठेका अधारित मलटीपर्पज हैल्थ वर्करों को पक्के करना, 1263 मलटीपर्पज हैल्थ वर्कर मेल का प्रवेशन पीरियड 2 साल करना और कोवीड -19 दौरान मलटीपर्पज कर्मचारियों द्वारा निभाई भूमिका बदले समूह कैडर को स्पैशल इंक्रीमैंट देना दर्ज हैं। जत्थेबंदी के जिला स्तरीय वक्ताओं ने अपने संबोधन में बताया कि लम्बे समय से स्वास्थ्य विभाग में काम करते स्वास्थ्य कर्मचारियों को अनदेखा करके नए रूप में विभाग में पक्के तौर और भर्ती की जा रही है। जब कि स्वास्थ्य विभाग में 12 -12 साल से काम करती मलटीपर्पज हैल्थ वर्कर फीमेल इस उम्मीद के साथ काम कर रहे हैं कि 12 साल बाद शायद सरकार द्वारा उनकी सुनी जाए। सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ सरेआम बेइंसाफी की जा रही है। इस संबंधी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एकत्रित होकर संघर्ष का बिगुल बजाया है। इन मलटीपर्पज कर्मचारियों ने गर्भवती माओं के टीका करन से ले कर बच्चों के टीकाकरन तक बड़ी स्वास्थ्य सहूलतें लोगों को प्रदान की हैं परंतु सरकार द्वारा इन कर्मचारियों की हौंसला अफजाई करने की बजाय और स्वास्थ्य सेवाओं के खात्मे का रास्ता चुना है। ज्ञात रहे कि इन स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा कोविड -19 की रोकथाम में बड़ी भूमिका निभाई है। परंतु सरकार द्वारा जितना वेतन इन को दिया जा रही है उतने वेतन से तो उनके घरों के चूल्हे जलने मुश्किल हो चुके हैं। समय समय पर इन कर्मचारियों के वेतन पर कट लगाने के लिए कभी कच्चे कर्मचारियों का लेवल लगा कर और कभी प्रवेशन पीरियड की शर्त लगा इन की काम की लूट की जा रही है। संघर्ष कमेटी द्वारा फैसला किया गया है कि जितनी देर तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता प्रवेशन पीरियड की शर्त 2 साल नहीं की जाती और समूह कैडरों को स्पैशल इंक्रीमैंट नहीं दिया जाता यह संघर्ष जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इस को और बड़ा और रूप दिया जाएगा। इस मौके सिविल सर्जन दफ्तर में आज के इस धरने में मलटीपर्पज इंप्लाइज यूनियन फाजिल्का के प्रधान सुखजिंदर सिंह, कनवीनर रीटा रानी, रजनी, बलजिन्दर कौर, परमजीत सिंह, लखविन्दर सिंह, हरभजन सिंह, सुरिन्दर मक्कड़ रविन्द्र शर्मा, कृष्ण लाल, स्वर्ण सिंह व अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

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