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शिकागो के शहीदों को भेंट किए श्रद्धा के फूल







फाजिलका-(दलीप दत्त)-आल पंजाब आंगणवाड़ी कर्मचारी यूनियन जिला/ब्लाक फाजिल्का के विभिन्न गांवों में आंगणवाड़ी वर्करों व हैल्परों ने शिकागो में हजारों मजदूर शहीद हुए थे व उन मजदूरों को वर्करों और हेल्परों ने अपने-अपने घरों और सैंटरों पर श्रद्धा के फूल भेंट किए और शहीदों की इस कुर्बानी को याद किया गया और शहीदों के अमर रहने के नारे लगाए। इस मौके पूरे भारत तो क्या पूरे वर्ल्ड में कोरोना वायरस फैला हुआ है जिस कारण बड़ा इकट्ठ नहीं किया और वर्करों व हेल्परों ने अपने-अपने घरों से ही शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की है। इस अवसर पर यूनियन नेता शीला देवी, यूनियन नेता रेशमा रानी व अन्य 4-5 वर्करों ने एक मीटर की दूरी पर मास्क डालकर एक मीटिंग की और सभी वर्करों व हेल्परों को इस कोरोना महामारी से बचने और सब लोगों को जागरूक करने की अपील की। यूनियन नेता रेशमा रानी ने बताया कि दो महीनों से मानभत्ता नहीं मिला और इसके अलावा केन्द्र की सरकार 1500/900 उसमें 600 रुपए वर्कर व 300 रुपए हैल्पर के मानभत्ते में से काट लिए गए थे जिसको लगभग 3 साल बीत चुके हैं वह उनको आज तक नहीं मिला। पंजाब सरकार ने यह पैसे उसके दबा लिए हैं तथा उनकी मांग है कि उनके यह काटे हुए पैसे उनको वापिस दिए जाएं। यूनियन नेता हरमेश कौर ने बताया कि एक से कोरोना महामारी के फैलने कारण उनके परिवारों की भी मजदूरी बंद हो गई है और उपर से जो उनको मानभत्ता मिलता था वो भी बंद कर दिया गया है जिस कारण वर्कर व हेल्पर कोरोना का शिकार तो नहीं होंगी परंतु यही यही हाल रहा तो भूमखरी का शिकार जरूर हो जाएंगी। यूनियन वर्कर हरजीत कौर माहूआना बोदला ने बताया कि काफी वर्करें व हेल्पर विधवा तथा अंगहीन हैं जिनके परिवार में कोई काम करने वाला नहीं सिर्फ छोटे बच्चे हैं जो आर्थिक पक्ष से गरीब हैं तथा मंदहाली का संताप भोग रहे हैं। अब उनके घरों में कोई भी सामान खाने-पीने का रह गया और लगता है सरकार उनको भूखमरी के रास्ते पर ले आएगी। इस मौके शीला देवी, सरोज रानी व आशा रानी ने सरकार से मांग की कि उनकी इन मांगों का जल्द से जल्द हल किया जाए नहीं तो उनको मजबूरन संघर्ष करना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार व केन्द्र सरकार की होगी।  
– मांगें
1. आंगनवाड़ी वर्कर हैलपर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाये।
2.जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब तक कम से कम मेहनताने के दायरे में ला कर वर्कर को 24000 रुपए और हैलपर को 1800 रुपए प्रति महीना भत्ता दिया जाए।
और पंजाब सरकार द्वारा वर्करों /हैलपरों के माणभत्ते और 40 प्रतीशत लगाए गए कट को हटाकर यह राशी समेत एरियर तुरंत जारी की जाए।
4. वर्कर और हैलपर को मौजूदा हालातों में कोरोना महामारी में काम करने के एवज में दूसरे पैरा मैडीकल स्टाफ की तर्ज पर 50 लाख रुपए का बीमा किया जाए।
5. क्रेच वर्कर हैलपर का 26 महीने का माणभत्ता ए.जी.ओ. अधीन काम करती 8 बलाकों की वर्करों हेलपरों का 3 महीनो का मान भत्ता तुरंत रिलीज किया जाए।

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