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मांगों को लेकर पंजाब पल्लेदार यूनियन ने डीसी कार्यालय के समक्ष कीरोष रैली व बाद में डीसी को मांगपत्र सौंपा







A demand letter was submitted to the DC regarding the demands by the Punjab Palladar Union

फाजिलका-(दलीप दत्त )-पंजाब पल्लेदार यूनियन द्वारा मांगों को लेकर डीसी कार्यालय के समक्ष रोष रैली की गई व उसके बाद में डीसी को मांगपत्र सौंपा गया। जानकारी देते हुए यूनियन के अध्यक्ष बख्तावर सिंह ने बताया कि इस रोष मुजाहिरे की अध्यक्षता पंजाब पल्लेदार यूनियन के प्यारा सिंह, फूडग्रेन एंड एलाइड वर्कर यूनियन फाजिल्का के फौजा सिंह, मक्खन सिंह जलालाबाद, गुरबख्श सिंह व बलविंदर सिंह ने की। इस अवसर पर जानकारी देते हुए अध्यक्ष बख्तावर सिंह, गुरबख्श सिंह, बिल्लू, मक्खन सिंह, जंगीर सिंह, सचिव बचन सिंह, रणजीत सिंह, हरमीत सिंह, गुरमीत सिंह मंडी लाधूका, साहिब सिंह, दर्शन सिंह, संता सिंह, गुरमेज सिंह, दलीप सिंह, प्रीतम सिंह ने अपने सौंपे गए मांगपत्र द्वारा मांग की कि पंजाब की फूड एजेंसियों में ठेकेदारी सिस्टम बंद करके वर्कर्स मैनेजमेंट कमेटियों को सीधा भुगतान किया जाए, वर्कर्स कमेटियों को जो रेट पहले दिए गए वह अब कम थे, क्योंकि आज की महंगाई मताबक कम रेटों पर गुजारा करना बहुत मुश्किल हो रहा है। इस लिए रेटों में विस्तार किया जाये जिससे गरीब मजदूर अपने परिवार का सही ढंग से गुजारा कर सके। पंजाब की फूड स्टेट एजेंसियों द्वारा गोदामों में से ट्रक लोडिंग, आटा दाल स्कीम, और धान (पैडी) स्टेक की लेबर द्वारा किये काम की पेमेंट आज तक नहीं हुई है। जो कि करोड़ों रुपए में है। पेमेंट न मिलने कारण पल्लेदार मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहे हैं।

 

इस लिए पेमेंट जल्दी से जल्दी की जाये। इसके उल्ट मजदूर पल्लेदारों के साथ फूड एजेंसियों द्वारा बहुत बड़ा धक्का किया जा रहा है जो कि पहले 540 बोरियां चावलों की गाड़ी होती थी। जो कि बहुत मुश्किल से 6 गाड़ीयों के साथ एक स्टेक बंद होता था परन्तु फूड एजेंसियों द्वारा 540 बोरियों की जगह 580 बेरियों की गाड़ी स्टैकिंग करने के लिए दबाव डाला जा रहा है जो कि सरासर गलत और मजदूर विरोधी नीति है। पीजी गोदाम और वेयर हाउस गोदाम एफ.सी.आई के गोदामों की अपेक्षा बहुत कम ऊंचे हैं। जो कि पहले ही एक स्टेक में 3240 बोरियां लगानीं बहुत मुश्किल होती हैं। जबकि स्टाक पूरा करने के लिए व्यक्ति बोरियों के उपर नहीं पहुंच सकता। इसलिए पहले की तरह 540 बेरियों की गाड़ी ही लगाई जाये। यूनियन ने मांग की कि उपरोक्त जायज मांगें विभाग द्वारा स्वीकृत की जाएं यदि इन जायज मांगों को न मानी गई तो मजबूर हो कर 16 मजदूरों द्वारा संघर्ष किया जाएगा जिससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी खुद पंजाब सरकार और विभाग की होगी।

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