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नशा रोकने के लिए डोप टेस्ट- सरकारी हॉस्पिटल मे डोप टेस्ट के नकली कागजात बनाने का भंडाफोड़







इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो -सिविल सर्जन मुल्तानी
इस गिरोह द्वारा नकली डोप टेस्ट करवा कर कितने नशेबाजों के डोप टेस्ट पास करवाए होंगे

फाजिल्का- (दलीप दत्त)- जिला फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में डोप टेस्ट के नकली कागजात तैयार करके नकली मोहरै व डॉक्टरों के नकली हस्ताक्षर करके डोप टेस्ट के घपले का मामला सामने आया है जिला फाजिल्का के सरकारी हॉस्पिटल में कार्यरत सरकारी डॉक्टर अमित कुक्कड़ वह विकास गांधी के हाथ एक ऐसे दस्तावेज लगे जिस पर मोहरे और डॉक्टर के हस्ताक्षर किए हुए थे परंतु डॉक्टरों द्वारा चेक करने पर और आपसी तालमेल से हस्ताक्षर नकली होने का पता चला इस नकली दस्तावेजों का पता चलते ही डॉक्टरों द्वारा इसकी जानकारी सिविल सर्जन डॉक्टर दलेर सिंह मुल्तानी को दी गई डॉक्टर मुल्तानी द्वारा इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए तुरंत एसएमओ डॉक्टर पाठक को इस पर कार्रवाई के आदेश दिए और डाक्टर मुल्तानी ने कहा कि इसकी गहराई तक जांच की जाए तुझे एक बड़ा गिरोह भंडाफोड़ कपड़ा फूड हो सकता है

जानकारी देते हुए एस एम ओ डॉक्टर सुधीर पाठक
                         जानकारी देते हुए एस एम ओ डॉक्टर सुधीर पाठक

क्या कहते हैं एस एम ओ डॉक्टर सुधीर पाठक
इस घटना की जानकारी देते हुए एसएमओ डॉक्टर पाठक ने बताया कि जो डोप टेस्ट के दस्तावेज मिले हैं उस पर मोहर और हस्ताक्षर नकली है और दस्तावेज पर जिस उक्त व्यक्ति की फोटो व हस्ताक्षर हैं वह व्यक्ति बॉर्डर के गांव पक्का चिश्ती का रहने वाला है। डॉ पाठक ने इस नकली दस्तावेज में नकली महलों वाली इस घटना की शिकायत पत्र नंबर 1537 तिथि :-9-10-2019 को थाना सिटी फाजिलका मे कर दी है और शिकायत को एफ आर आई समझते हुए तरसेम सिंह पुत्र तेजा सिंह वासी पक्का चिश्ती जिला फाजिल्का के खिलाफ कार्रवाई के लिए दे दी गई है। और साथ ही इसकी सूचना पत्र नंबर 1538 उतारा सिविल सर्जन फाजिल्का को भेज दी गई है

जानकारी देते हुए डॉ महेश कुमार

क्या कहते हैं डॉक्टर महेश कुमार
इस मामले पर पत्रकारों को जानकारी देते हुए डॉ महेश कुमार ने बताया कि डॉ अमित कक्कड़ वह विनीत डेविड द्वारा डोप टेस्ट किया जाता है जब डोप टेस्ट पोस्टिव आ जाता है तो मेरी ड्यूटी उस मरीज को नशा छुड़ाने का इलाज करने की है उन्होंने यह भी बताया कि कि यह मामला इस बार ऐसे पकड़ में आ गया जो रजिस्ट्रेशन डोप टेस्ट होने से पहले होती है उक्त व्यक्ति वह डोप टेस्ट होने के बाद रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ले आया जिसको लेकर डॉक्टरों को शक हुआ तो डॉक्टरों ने को इस डोप टेस्ट रिपोर्ट पर साइन और मोहर चेक किए तो वह नकली पाए गए डॉ महेश का इस बारे में कहना है इसकी जांच पूरी ईमानदारी और गहराई से की गई जाए तो यह मामला बहुत बड़ा घोटाले का पर्दाफाश कर सकता है अगर इस घपले में हॉस्पिटल या नशा छुड़ाओ केंद्र का कोई कर्मचारी सम्मिलित पाया जाता है तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।

क्या कहता है तरसेम सिंह
इस सब नकली दस्तावेज के बारे में जब तरसेम सिंह वासी पक्का चिश्ती से बात की गई तो तरसेम सिंह ने बताया कि फाजिल्का के सुविधा सेंटर के बाहर एक व्यक्ति मिला और उसने डोप टेस्ट करवाने को लेकर कहा कि वह डोप टेस्ट करवा देगा और अगले दिन मिलने को कहा और अगले दिन उक्त व्यक्ति जिसने अपना नाम जिम्मी बताया शाह पैलेस के नजदीक बुलाया जहां वह कार ठीक करवा रहा था उक्त व्यक्ति जिम्मी ने उससे 2500 रुपए और फोटो व आधार कार्ड ले लिया उक्त व्यक्ति जिम्मी के साथ एक अन्य भारी सेहत वाला व्यक्ति भी था। जिसने अपने आप को डॉक्टर का ड्राइवर बताया अपने बारे में तरसेम सिंह ने बताया कि वह एक गरीब व्यक्ति है और धान के सीजन में शैलर वगैरह में चौकीदारी काम करता है कोई भी व्यक्ति गांव में आकर उसके बारे में जानकारी ले सकता है।
क्या कहता है जिमी
इस सब के बारे में एसएमओ डॉक्टर पाठक और तरसेम सिंह के द्वारा बताया गया जिम्मी नामक व्यक्ति से फोन पर नकली दस्तावेज मोहर और नकली हस्ताक्षर के बारे में बात की गई तो उक्त व्यक्ति जिम्मी ने बताया कि उसका इस सबसे कोई लेना देना नहीं है। और ना ही उसने डोप टेस्ट के तरसेम सिंह से कोई पैसे लिए हैं। उसने बताया कि वह पहले तहसील कंपलेक्स में काम करता था परंतु तहसील कंपलेक्स में सरकार द्वारा कब्जे वाली दुकानें हटा दी गई जो उसने काम करना बंद कर दिया जब उससे पूछा गया जबकि वह तरसेम सिंह को जानता ही नहीं तो तरसेम सिंह ने उसका नाम क्यों लिया तो उसने बताया कि बॉर्डर पर बसे इस गांव के लोग उसके पास पहले काम करवाने के लिए आते थे इसलिए शायद वह उसको जानता हो। इस बात को लेकर जब पत्रकार द्वारा उक्त व्यक्ति जिम्मी को और खुरेदा गया जब उसने बताया कि नशा छुड़ाओ केंद्र फाजिल्का में एक लड़का लगा हुआ है ।जो यह सब काम करवाता है और यह सब काम करवाना वाले शहर में असले के लाइसेंस रिन्यू करवाने वाले कुछ अर्जेंट और दुकानदार भी हैं जो उक्त व्यक्ति से ऐसे फर्जी डोप टेस्ट करवाते हैं। उक्त व्यक्ति जिमी द्वारा इस बात को लेकर जब सबूत मांगे गए तो उक्त व्यक्ति जिम्मी ने हॉस्पिटल में काम करने वाले एक व्यक्ति के साथ व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रीनशॉट दिए गए और उक्त व्यक्ति की फोटो भी दी गई

क्या कहते हैं जांच अधिकारी
इस सब घटना की जानकारी देते हुए जांच अधिकारी ने बताया कि इस मामले में उनको शिकायत प्राप्त हुई है और जांच चल रही है जांच के बाद कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी
आपको बता दें कि जिला फाजिल्का की जिम्मेदारी पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू को सौंपी गई है और सेहत मंत्री कुछ दिनों से जिला फाजिल्का में ही रह रहे हैं और फिर भी इस घटना को हुए लगभग 3 दिन हो गए हैं और अभी तक पुलिस द्वारा जांच का भरोसा दिया जा रहा है इस मामले को लेकर जल्द ही से सेहत मंत्री को मिलकर इस घटना की जानकारी दी जाएगी
पंजाब सरकार द्वारा इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाए तो तो इस गिरोह का भंडा फूट सकता है और अभी तक इस गिरोह द्वारा कितने लोगों के नकली डोप टेस्ट करवा कर कितने नशे बाजों के डोप टेस्ट पास करवाए होंगे।

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