Mon. Jun 24th, 2019

स्वास्थ्य मंत्री की मीटिंग में से गैरहाजिर रहने वाला डी.डी.पी.ओ. अरुण जिन्दल मुअत्तल

फाजिल्का-(दलीप दत्त)- पंजाब के स्वास्थ्य व परिवार भलाई और श्रम मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू की अध्यक्षता में सोमवार को की गई जिला शिकायत निवारण कमेटी की मीटिंग दौरान गैरहाजिर रहने वाले जिला विकास व पंचायत अधिकारी अरुण जिन्दल को तुरंत प्रभाव से सेवा से निरस्त कर दिया गया है। बता दें कि उक्त अधिकारी के मीटिंग में उपस्थित न होने पर श्री सिद्धू ने मौके पर ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा को फोन करके गैरहाजिर अधिकारी विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के लिए कहा था।
बलबीर सिंह सिद्धू ने श्री बाजवा को लिखित नोट में कहा था कि मुख्य मंत्री पंजाब की हिदायतों मुताबिक उन की तरफ से जिला फाजिल्का की मीटिंग करने के लिए 4 जून 2019 को सूचित किया गया था और डिप्टी कमिश्नर की तरफ से मीटिंग संबंधी आगे संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई थी। उन्होंने लिखा है कि मीटिंग शुरू होने पर लोगों द्वारा ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के साथ संबंधित की गई शिकायतों का जवाब देने के लिए डी.डी.पी.ओ. मौके पर उपस्थित नहीं था। उस की गैर हाजिरी को ले कर सदस्यों में काफी रोष पाया जा रहा था। उन्होंने लिखा है कि डिप्टी कमिश्नर ने भी इसी दौरान अधिकारी को मीटिंग में उपस्थित होने के लिए कहा परन्तु इस के बावजूद वह उपस्थित न हुए। जो मुख्य मंत्री की हिदायतों की घोर उल्लंघना है। इस लिखित पत्र व कार्यवाही करते ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री श्री बाजवा ने उक्त अधिकारी को निरस्त कर दिया। निलंबन दौरान जिला विकास व पंचायत अधिकारी का मुख्य दफ्तर मोहाली में बनाया गया है।

इस मामले में जब डीडीपीओ अरुण जिंदल का पक्ष जानने के लिए उन को दो बार फोन किया गया  परन्तु उन्होंने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई।

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